विश्व
में
भारत
के
दिग्गज
ध्वजवाहक
जिन्होंने
भारतीय
मेधा
का
लोहा
मनवाया
अपने
कौशल
और
प्रतिभा
से
जिनकी
कर्मठता
ने
उन्हें
सम्पूर्ण
विश्व
मे
नया
उत्कर्ष
प्रदान
किया
है
वे
भारतीय
जनमानस
के
गौरव
है।
सत्य नडेला
19
अगस्त
1967
को
हैदराबाद
के
तेलगु
परिवार
में
जन्में
नडेला
की
शिक्षा.
मणिपाल
तकनीकि
संस्थान
विस्कॉन्सिन
विश्वविद्यालय
एव
शिकागो
विश्वविद्यालय
से
हुई
है
।
उन्होंने
1992
में
माइक्रोसॉफ्ट
कम्पनी
ज्वाइन
की
तब
से
वे
लगातार
कम्पनी
के
आदर्शों
के
साथ
जुड़े
हुए
हैं
।
माइक्रोसॉफ्ट
के
डेटाबेस
विंडोज़
सर्वर
को
क्लाउड
प्लेट
फॉर्म
पर
लाने
में
उन्होंने
महत्वपूर्ण
भूमिका
निभाई
है
।
कम्पनी के साथ लम्बे समय तक जुड़े रहने के कारण उन्होंने कई योजनाओं पर कार्य किया है । यह उनके कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि कम्पनी का मुनाफा लगभग 22 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। नडेला . सम्पूर्ण विश्व में अपनी अनूठी कार्य योजना के लिए भी जाने जाते हैं ।
सुंदर पिचाई
चेन्नई
में
1972
में
जन्में
सुंदर
पिचाई
जी
गूगल
के
सी.ई.ओ
हैं।
इन्होंने
भारतीय
प्रौदयोगिकी
संस्थान
आईआईटी
खड़गपुर
से
स्नातक
बैचलर
की
शिक्षा
पूर्ण
की
है।
बाद
की
पढ़ाई
इन्होंने
पेंसिल्वेनिया
स्टैनफोर्ड
से
पूरी
की
।
सर्वप्रथम
गूगल
को
अपना
ब्राउजर
लांच
करने
की
सलाह
इन्होंने
ही
दी
थी
।
इनके
द्वारा
क्रोम
एंड्रायड
ऐप
के
अभूतपूर्व
निर्माण
ने
इन्हें
गूगल
के
उच्च
पद
पर
पहुँचने
में
अपार
सहायता
की
।
ऐसा
कहा
जाता
है
कि
.
सुंदर
पिचाई
के
सुझाव
पर
ही
गूगल
ने
ेंउेनदह
को
अपना
साझीदार
बनाया
।
बताया
जाता
है
कि
2011
में
ट्विटर
कम्पनी
रवपद
करने
वाले
थे
परन्तु
कम्पनी
ने
इन्हें
अधिक
वेतन
देकर
जाने
से
रोक
दिया
।
सुंदर पिचाई आज सम्पूर्ण विश्व में भारतीय मेधा समर्पण व कर्मठता के पर्याय के रूप मे जाने जाते हैं । सम्पूर्ण राष्ट्र को उन पर गर्व है ।
शांतनु नारायण
शांतनु
नारायण
हैदराबाद
में
पले
बढ़े
हैं
।
इन्होंने
उस्मानिया
विश्वविद्यालय
से
इलेक्ट्रॉनिक्स
इंजीनियरिंग
में
स्नातक
डिग्री
ली
है
।
इनकी
बाद
की
पढ़ाई
कैलिफोर्निया
विश्वविद्यालय
व
ओहियो
से
पूरी
हुई
है
।
शांतनु
नारायण
ने
अडोबी
कम्पनी
में
1998
में
प्रवेश
किया
वहाँ
वे
बाद
में
वैश्विक
उत्पाद
शोध
के
वरिष्ठ
उपाध्यक्ष
रहे
।
2011
में
अमेरिकी
राष्ट्रपति
बराक
ओबामा
ने
उन्हें
अपने
प्रबंध
सलाहकार
समिति
का
सदस्य
नियुक्त
किया
था
।
वे
डेल
के
बोर्ड
में
सदस्य
हैं
तथा
कैलिफोर्निया
विश्वविद्यालय
बर्कले
के
हास
स्कूल
ऑफ
बिजनेस
के
सलाहकार
मण्डल
में
भी
शामिल
हैं
।
शांतनु नारायण जी भरोसे के प्रतीक माने जाते हैं उनकी वैचारिकता सर्वविदित है अपने कुशल नेतृत्व के कारण उनकी वैचारिकता और प्रभावी हो जाती है ।
निकेश अरोड़ा
फरवरी
1968
को
उत्तर
प्रदेश
के
गाज़ियाबाद
में
भारतीय
वायुसेना
के
अधिकारी
के
घर
जन्में
निकेश
अरोडा
की
प्राम्भिक
शिक्षा
वायुसेना
के
स्कूल
में
हुई
थी।
प्रारम्भिक
शिक्षा
के
बाद
उन्होंने
काशी
हिन्दू
विश्वविद्यालय
से
इलेक्ट्रॉनिक
इंजीनियरिंग
1989
में
पूरा
किया
।
पढ़ाई
पूरी
करते
ही
इन्होंने
विप्रो
में
नौकरी
शुरू
कर
दी
थी
।
बाद
में
आगे
की
पढ़ाई
के
लिए
संयुक्त
राज्य
अमेरिका
चले
गए
फिर
बोस्टन
के
नार्थ
ईस्टर्न
विश्विद्यालय
से
प्रबंधन
की
पढ़ाई
भी
पूरी
की
।
वर्तमान में वे पालो आल्टो नेटवर्क कम्पनी के सी.ई.ओ है यह सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर बनाने वाली कम्पनी है । उन्होंने कम्पनी में मार्क मैकलोगलीन का स्थान लिया है । कम्पनी ने निकेश को 857 करोड़ रुपये का पैकेज दिया है। निकेश ने सॉफ्ट बैंक में काम करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए स्नैपडील और हाउसिंग डॉट कॉम में निवेश करवाया था।
राजीव सूरी
10
अक्टूबर
1967
को
दिल्ली
में
जन्में
कुबैत
में
पले
बढ़े
और
कई
देशों
में
बड़ी
जिम्मेदारियां
संभाल
चुके
राजीव
सूरी
को
सही
अर्थों
में
ग्लोबल
सिटिज़न
कहा
जा
सकता
है
।
यह
सुसंयोग
है
कि
माइक्रोसॉफ्ट
के
मुख्य
कार्य
करी
अधिकारी.
सत्य
नडेला
व
राजीव
सूरी
ने
एक
ही
भारतीय
संस्थान
मणिपाल
प्रौद्योगिकी
संस्थानद्ध
से
पढ़ाई
पूरी
की
हैं
।
राजीव
मोबाइल
कारोबार
कम्पनी
नोकिया
नेटवर्क्स
के
सी.ई.ओ
हैं
।
वे
उन
उच्च
कम्पनी
के
अधिकारियों
में
से
हैं
जिन्होंने
एमबीए
या
अन्य
परास्नातक
के
बिना
इतनी
उपलब्धियां
हासिल
किए
हैं।
सूरी
कम्पनी
में
स्टीफन
एलोप
की
जगह
लिए
हैं
कम्पनी
की
घाटे
में
चल
रही
नेटवर्क
उपकरण
इकाई
को
मुनाफे
में
लाने
का
श्रेय
पूर्ण
रूप
में
इन्ही
को
जाता
है
।
इन्होंने
सम्पूर्ण
लागत
में
कटौती
कर
एवं
गैर
मुनाफे
वाले
व्यवसाय
को
हटाकर
यह
सुकार्य
किया
है
।
आशा है वे कम्पनी के मोबाइल फोन हैंडसेट कारोबार को समृद्धि की नई दिशा पर ले जाएंगे ।
इंदिरा नूई
28
अक्टूबर1955
को
मद्रास
में
जन्मी
इंदिरा
कृष्णमूर्ति
नूई
कॉरपोरेट
जगत
का
चमकता
सितारा
हैं।
वर्ष
1986
से
90
के
बीच
उन्होंने
मोटो
रोला
कम्पनी
में
कॉरपोरेट
योजना
समिति
के
उपाध्यक्ष
के
रूप
में
कार्य
किया
और
कम्पनी
के
विभिन्न
योजनाओं
का
कुशल
दिशा
निर्देशन
भी
किया।
नूई
जी
दीर्घकालिक
योजना
की
अनूठी
शिल्पकार
मानी
जाती
हैं।
उन्होंने
एक
दशक
से
अधिक
समय
तक
पेप्सिको
कम्पनी
की
वैश्विक
रणनीति
का
कुशल
निर्देशन
और
पुनर्गठन
का
नेतृत्व
किया
है।
फिलहाल
वे
कई
बोर्ड़
की
सदस्या
भी
हैं
.
अमेरिकी
चीन
बिजनेस
कौंसिल
अमेरिकी
.
इंडिया
बिजनेस
कौंसिल
इत्यादि।
वे
अमेरिका
की
दूसरी
सबसे
बड़ी
कम्पनी
की
महिला
प्रमुख
हैं
।
2007
में
उन्हें
भारत
सरकार
द्वारा
पदम्
भूषण
से
सम्मानित
किया
गया
।
वर्ष
2012
में
अमेरिका
में
मंदी
के
दौर
से
निपटने
के
लिए
और
आर्थिक
रणनीति
तय
करने
के
लिए
अमेरिकी
राष्ट्रपति
बराक
ओबामा
ने
नुई
को
चर्चा
के
लिए
आमंत्रित
किया
था
।
अंततोगत्वा हम कह सकते हैं कि ये प्रमुख भारतीय हैं जो विश्व मंच पर भारतीयता का झंडा बुलंद किये हुए हैं। हमें उन पर गर्व है।






